गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को दिसपुर के जनता भवन में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में कुछ अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने फैसला किया कि राज्य में तीन साल पुरानी 6,953 पूजा समितियों के प्रत्येक को 10,000 रुपए की सरकारी सहायता  दी जाएगी। कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट के फैसलों के बारे में बताते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं मंत्री जयंत मल्लबरुवा ने कहा कि जबरन चंदा वसूली रोकने के लिए पूजा समितियों को 10 हजार रुपए का अनुदान देने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार न केवल पूजा समितियों को बल्कि लाइव और पारंपरिक रास उत्सव के संचालन के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। सहायता राशि की घोषणा रास महोत्सव से पहले की जाएगी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल  की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अनुकरण करते हुए असम सरकार भी पूजा समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की बात पर राज्य भर में चर्चा हो रही है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य की 28,000 पूजा समितियों को अनुदान राशि 10,000 रुपए से बढ़ाकर 70,000 रुपए कर दी है। इसके अलावा पूजा के अवसर पर आशा कार्यकर्ताओं और पुलिस स्वयंसेवकों को 5,300 रुपए दिए जाएंगे। कैबिनेट ने निर्णय लिया कि मंत्रियों को 25 दिसंबर से 10 जनवरी तक गांवों का दौरा करना होगा। प्रत्येक मंत्री को कम से कम 5 दिन गांव में बिताने होंगे। इसके लिए ऊपरी असम, निचली असम, बराक घाटी, बीटीआर और पहाड़ी जिलों को लेकर 5 क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं। कैबिनेट ने नियमित आधार पर सरकारी अधिवक्ताओं की नियुक्ति का निर्णय लिया है। सरकारी वकीलों के तबादले का भी प्रावधान होगा। कैबिनेट ने फैसला किया कि 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक शिक्षा सप्ताह मनाया जाएगा। चाय बागान क्षेत्रों में 100 स्कूल और 15 नए कॉलेज खोले जाएंगे। 300 स्कूलों के लिए नए भवनों का शिलान्यास किया जाएगा।

अधिकतम 7 करोड़ रुपए की लागत से नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। चराइदेव तथा दरंग जिले में 220 परिवारों को जमीन के पट्टे जारी किये जाएंगे। कैबिनेट ने 2024 वर्ष के लिए छुट्टियों की सूची को भी मंजूरी दे दी। इसके मुताबिक 36 दिन राजपत्रित छुट्टियां, 3 दिन सीमित छुट्टियां और 3 दिन आधी छुट्टियां होंगी। कैबिनेट ने निर्वाचन क्षेत्र के आधार पर सिंचाई विभाग के डिवीजनों सहित अन्य कार्यालयों के गठन को भी मंजूरी दे दी। कैबिनेट ने डॉक्टरों की 5 साल तक नॉन-प्रैक्टिस अवधि को भी मंजूरी दे दी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं की सेवानिवृत्ति की समय सीमा 30 अप्रैल तय की गई है। हालांकि कर्मी-सहायिकाओं को सेवानिवृत्ति तक वेतन मिलता रहेगा। कैबिनेट ने एसपीसीएल के रूपांतरण के लिए 778 करोड़ रुपए की भी मंजूरी दे दी। कैबिनेट ने कार्बी लांगपी परियोजना के लिए 417.32 करोड़ रुपए की भी मंजूरी दी।