ब्रह्मांड में असंख्य रहस्य मौजूद हैं जिनके बारे में जानने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक लगे हुए हैं। फिर चाहे वो ग्रह हो या फिर कोई उपग्रह। वैज्ञानिक आजतक सिर्फ नौ ग्रहों के बारे में ही पता लगा पाए हैं। इनमें भी हर ग्रह की अपनी अलग-अलग खासियत और रहस्य हैं। इन्हीं में से एक ग्रह को धरती यानी पृथ्वी का जुड़़वा ग्रह भी कहा जाता है। इस ग्रह नाम है शुक्र (Venus)। बता दें कि शुक्र ग्रह ही सूर्य के सबसे नजदीक का ग्रह है। जो 224.7 दिनों में सूर्य की परिक्रमा करता है। इस ग्रह का नामकरण प्रेम और सौंदर्य की रोमन देवी के नाम पर हुआ है। चंद्रमा के बाद आसमान में रात के समय सबसे चमकीला तारा शुक्र ग्रह ही है। शुक्र ग्रह सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद केवल थोड़ी देर के लिए ही अपनी अधिकतम चमक पर पहुंचता है। इसीलिए प्राचीन संस्कृृतियों में इसे सुबह का तारा या शाम का तारा नाम से जाना गया है। यही नहीं शुक्र आकार और गुरुत्वाकर्षण में भी पृथ्वी के जैसा ही है। लेकिन हर मामले में यह पृथ्वी जैसा नहीं है।

क्योंकि शुक्र ग्रह सल्फ्यूरिक एसिड युक्त अत्यधिक परावर्तक बादलों की एक अपारदर्शी परत से ढंका हुआ है। इसका वायुमंडल चार स्थलीय ग्रहों में सघनतम है  जो ज्यादातर कार्बन डाईऑक्साइड से बना है। शुक्र की सतह पर वायुमंडलीय दबाव पृथ्वी की तुलना में 92 गुना है। इस ग्रह पर आठ महीने तक सूरज नहीं डूबता या यूं कहें कि यहां आठ महीने के बराबर एक दिन होता है। शुक्र ग्रह का तापमान 475 डिग्री सेल्सियस होता है। शुक्र को कहा जाता है धरती का जुड़वा ग्रह : शुक्र ग्रह पर कई चीजें पृथ्वी के समान होने की वजह से ही इसे धरती का जुड़वा ग्रह कहा जाता है। इसका आकार और घनत्व दोनों धरती के बराबर है। बावजूद इसके इस ग्रह पर इंसान का जीवन संभव नहीं है। क्योंकि इसके बाद भी इसमें कई असमानताएं हैं। हैरानी की बात तो ये है कि बुध ग्रह सूर्य के अधिक नजदीक है, लेकिन शुक्र का तापमान उससे ज्यादा है।

इस ग्रह पर हवा का दबाव धरती से 92 गुना अधिक होने की वजह से इस ग्रह पर ऐसा महसूस होता है जैस कोई इंसान समुद्र के काफी अंदर जाने पर महसूस करता है। शुक्र अपनी धुरी पर बहुत धीमे घूमता है। इसलिए वहां धरती की तुलना में एक दिन 243 दिनों का होता है। लेकिन धरती की तुलना में शुक्र ग्रह सूर्य का चक्कर अधिक तेजी से लगाता है। इसकी वजह से यहां पर 225 दिनों का ही एक साल होता है। शुक्र ग्रह की सतह सख्त है और इसका एक दिन पृथ्वी के 5,832 घंटों के बराबर होता है। इस ग्रह पर ज्वालामुखी पहाड़, खाई और कई पठार भी मौजूद हैं। लेकिन इन सबके बावजूद भी ये ग्रह बेहद जहरीला है। क्योंकि इस ग्रह पर सल्फ्यूरिक एसिड का घना कोहरा छाया रहता है। इसकी वजह से यह सड़े हुए अंडे जैसी बदबू आती रहती है। यहां इंसान एक पल भी नहीं ठहर सकता।