जयपुर : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मे नई सोच लाई है, अब किसान केवल अन्नदाता ही नहीं होगा.. किसान ऊर्जा दाता भी होगा। उन्होंने कहा कि गन्ने के जूस, शीरा, मक्के से इथेनाल बन रहा है.. हमारे यहां चावल, बाजरी गेहूं, मक्का, ज्वार से इथेनाल बन रहा है और पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनाल डालने की शुरूआत हुई है। हनुमानगढ के गोगामेडी में भाजपा पार्टी की चौथी परिवर्तन संकल्प यात्रा की शुरुआत पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए, गडकरी ने कहा कि केवल फसलें उगाने से किसानों का जीवन नहीं बदल सकता। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन वहीं होता है जहां पानी, सड़क, संचार और बिजली होती है, क्योंकि इनसे विकास होता है और गरीबी दूर होती है।

उन्होंने कहा कि मेरा सपना है कि किसान अपने कुंए से पानी निकालेगा, उसके घर के ऊपर 'रूफ टॉप सोलर' होगा, 'इलेक्ट्रोलाइजर' से हाईड्रोजन निकलेगा,हाईड्रोजन ट्रक, बस और कार में डाला जायेगा। किसान का गैस स्टेशन होगा। किसान केवल कपास, चावल , गेहूं पैदा करने वाला ही नहीं बल्कि हाईड्रोजन तैयार करने वाला भी होगा एवं करोडपति बनेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्ग का नेटवर्क चार गुना बढ़ गया है, अच्छी-अच्छी सड़कें बन रही हैं एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर हवाई जहाज उतर रहे हैं। उनका कहना था कि पानी, सडक, बिजली और संचार -इन चार बातों का विकास जहां होगा, वहां उद्योग आएंगे और रोजगार आएगा।

गडकरी ने कहा कि आज ऊर्जा क्षेत्र के लिए कृषि का विविधीकरण देश की आवश्यकता बन गयी है। उन्होंने कहा कि आज किसान की प्रगति और विकास के लिये उसे अन्नदाता, ऊर्जादाता, बिटूमिन दाता और अब हाईड्राजन दाता बनना होगा। मैं बता रहा हूं कि केवल गेहूं, चावल, मक्का, बाजरा उगाकर उसकी जिंदगी बदल नहीं सकती। मंत्री ने कहा कि उन्होंने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के अध्यक्ष से हर गांव में 'इथेनॉल पंप' खोलने के लिए कहा है क्योंकि किसानों द्वारा बनाए गए इथेनॉल से स्कूटर भी चलेंगे।उन्होंने कहा कि आयात पर खर्च होने वाला पैसा धीरे-धीरे कम होगा और वह गांवों में जायेगा और विकास को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन वहीं होता है जहां पानी, सड़क, संचार और बिजली होती है तथा इनसे विकास होता है और गरीबी दूर होती है। उन्होंने कहा कि जहां पानी, सड़क, संचार और बिजली होगी, वहां पूंजी निवेश आएगा।