फर्रुखाबाद/कासगंज/शाहजहांपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित जिलों फर्रुखाबाद, कासगंज और शाहजहांपुर का दौरा किया। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और स्थलीय सर्वेक्षण भी किया और साथ ही राहत बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन (केंद्र एवं राज्य) की सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है।  फर्रुखाबाद के अमृतपुर के जमापुर में बाढ़ पीडितों के बीच राहत सामग्री बांटने आए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि बाढ़ पीडि़तों को मुआवजा देने में 24 घंटे से अधिक का समय न लगे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बाढ़ पीडि़तों के साथ खड़ी है।

उत्तर प्रदेश के लगभग 700 गांवों के बाढ़ की चपेट में होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ बाढ है और दूसरी तरफ सूखा भी है एवं यह विचित्र स्थिति पूरे सूबे में है।योगी ने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं पीएसी की कंपनियां बाढ़ से राहत एवं बचाव के लिए प्रदेश भर में लगी हैं तथा शासन के स्तर पर पीडि़त परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश भर में 1101 बाढ़ शरणालय, 1504 बाढ़ चौकी, दो हजार से अधिक मेडिकल टीम तथा 2040 नाव राहत कार्य के लिए लगायी गयी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ को लेकर सरकार पहले से ही सतर्क थी, इसको लेकर सरकार ने जनप्रतिनिधियों निर्देश दे दिया था कि पूरी संवेदनशीलता के साथ उन क्षेत्रों का दौरा करें जहां बाढ़ आने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि फर्रुखाबाद में 116 गांव गंगा और रामगंगा नदी में आई बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, फलस्वरूप 80 हजार की आबादी बेहाल है।योगी ने फर्रुखाबाद में 22 मकानों पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने का जिक्र करते हुए कहा कि जो मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक-एक आवास उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हुए छह मकानों को मुआवजा उपलब्ध कराए जाएगा। उनका कहना था कि क्षतिग्रस्त हुई 70 झोपडिय़ों को भी मुआवजा दिया जाएगा तथा शासन स्तर से विस्थापित हुए परिवारों को बाढ़ शरणालय में ले जाने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।

कासगंज पटियाली तहसील के ग्राम वरौना में आयोजित राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि संकट के समय सरकार आपके साथ है और बाढ़ पीडि़तों की हर संभव मदद की जायेगी। उन्होंने कहा कि पानी घटने के बाद हमारी सरकार कासगंज में बाढ़ की समस्या का स्थाई समाधान निकालने का प्रयास करेगी। इसके लिए सिंचाई विभाग को निर्देश दिया जा चुका है कि नदियों का तलोच्छेदन किया जाए।