श्रावण मास के आखिरी सोमवार के दिन वरलक्ष्मी व्रत रखा जा रहा है। पंचांग के अनुसार, सावन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को वरलक्ष्मी व्रत रखा जाता है। इस दिन शुक्रवार पड़ रहा है। इसलिए इसका महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। इस दिन मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने के साथ इन ज्योतिषीय उपायों को कर सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वरलक्ष्मी व्रत के दिन पूजा करने के साथ इन उपायों को करने से मां लक्ष्मी अति प्रसन्न होती है और धन-वैभव, ऐश्वर्य, सुख-संपत्ति, सेहत का आशीर्वाद देती है।

करें इस मंत्र का जाप : सुख-समृद्धि, धन-धान्य की बढ़ोतरी के लिए मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने के साथ ‘श्री ह्रीं श्रीं कमले कमलालए प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें।

तिजोरी में रखें ये चीजें : श्रावण मास के आखिरी शुक्रवार के दिन एक पीले या फिर लाल रंग के कपड़े में एक हल्दी की गांठ और एक सिक्का रखकर बांध दें। इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के चरणों के पास रख दें। बाद में इसे तिजोरी या फिर पैसे रखने वाले स्थान में रख दें।

मां लक्ष्मी को चढ़ाएं कमल : मां लक्ष्मी को कमल का फूल अति प्रिय है। इसलिए वरलक्ष्मी व्रत पर कमल का फूल अर्पित करें। इससे मां लक्ष्मी अति प्रसन्न होगी।

करें अभिषेक : वरलक्ष्मी व्रत के दिन शंख में जल भरकर विष्णु जी और लक्ष्मी माता का अभिषेक करें। इसके साथ ही विधिवत पूजा करें।

लगाएं खीर का भोग : वरलक्ष्मी व्रत पर मां लक्ष्मी की पूजा करने के साथ लाल रंग का गुलाब चढ़ाएं। इसके साथ ही केसर युक्त खीर का भोग लगाएं।

करें इन चीजों का दान : मां लक्ष्मी की पूजा करने के साथ सफेद रंग की चीजों का दान करना लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इसलिए इस दिन सफेद वस्त्र, चावल, आटा, चीनी, दूध, दही आदि दान करें।