जयपुर : सीएम अशोक गहलोत ने जयपुर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी पहुंचकर पूर्व पीएम स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर उनके चित्र पर श्रद्धांजलि दी। गहलोत ने कहा-बीजेपी ने ठान लिया है कि कांग्रेस ने जो कुछ देश में किया, उसका नामो निशान मिटा दो। पीएम छह बार नहीं 15-20 बार राजस्थान आ जाएं, जनता ने तय कर लिया है कि कांग्रेस सरकार रिपीट होगी। गहलोत ने कहा कि दुर्भाग्य इस बात का है कि प्रधानमंत्री समझ क्यों नहीं रहे हैं? उनकी पार्टी ने ठान लिया है कि जो 60-70 साल में कांग्रेस ने क्या किया, आजादी के पहले क्या किया, त्याग बलिदान कुर्बानियां दीं।

जेलों में 10-10 साल तक बंद रहे, उन सब को देश में भुला दो, नामो निशान मिटा दो।  दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू के नाम पर संग्रहालय का नाम बदल दिया। किस स्तर पर लोग जा रहे हैं, मेरी समझ से परे है। मेरी जिन्दगी में मैंने कभी किसी भी प्रधानमंत्री से ये उम्मीद नहीं की कि वो इस तरह की सोच रखता होगा कि आप नामो निशान मिटा दो, जिन्होंने देश का इतिहास बनाया है।

बहुत भारी ब्लंडर कर रहे हैं वो लोग, अगर मोदीजी आरएसएस के दबाव में कर रहे हैं तो भी गलत है, खुदकी सोच से कर रहे हैं तो भी गलत है और बीजेपी के दबाव में करें तो भी गलत है। क्योंकि एक प्रधानमंत्री देश का प्रधानमंत्री होता है एक पार्टी का प्रधानमंत्री नहीं होता है। प्रधानमंत्री को वही करना चाहिए जो देश चाहता है। देश इतिहास बनाता है तो उसमें भागीदारी निभाएं। आज ये इतिहास मिटाएंगे तो आने वाले वक्त में जब ये लोग बदलेंगे, इनका इतिहास स्वत: ही मिट जाएगा, बल्कि काले अक्षरों में लिखा जाएगा, उस वक्त के कार्यकाल के अंदर जो व्यवहार किया गया वो उचित नहीं था।

ये इतिहासकार आने वाले वक्त के अंदर लिखेंगे और ये इनको मंजूर है, तो आप सोच सकते हो कि किस हद तक राज चाहते हैं ये, अगर आप परवाह ही नहीं करते हो कि मंजूर है कि कुछ भी कहो आने वाली पीढ़ी हमारे बारे में हम परवाह ही नहीं करते, इसका मतलब ये फासिस्टवादी सोच है। ये लोकतंत्र की हत्या करने वाली सोच है। संविधान की हत्या करने वाली सोच है।

कैसे भूल सकते हैं हम लोग, हम तो राजस्थान के लोग हैं जो परम्परा का निर्वहन कर रहे हैं।  सीएम ने कहा कि जब तत्कालीन सीएम भैरो सिंह शेखावत साहब को हमने हराया था, हमारी 156 सीटें आ गईं, वो 32 पर आ गए। मैं मुख्यमंत्री बन गया। रिश्ते हमने क्या रखे, वो विपक्ष में थे उनके साथ रिश्ते वही रखें, बीमार हुए तो हम लोग मिलते रहते थे, डेथ हो गई तो हमने उनको ससम्मान सम्मान दिया, पूरा प्रदेश जानता है। एक दूसरे के प्रति ये भावनाएं होनी चाहिए। गहलोत बोले लेकिन ये सब सीमाएं प्रधानमंत्री जी तोड़ रहे हैं उचित नहीं कहा जा सकता है।

आप छह बार आ गए राजस्थान, 6 बार नहीं 15 बार आ जाओ, 20 बार आ जाओ, अप डाउन करो, तब भी इस बार जनता तय कर चुकी है सरकार रिपीट करने के लिए और जनता ही माई बाप है। कितना ही पैसा लगा दो, साधन झोंक दो, बड़े बड़े रैलियां- रोड़ शो सब करेंगे ये लोग। इस सरकार को गिरा नहीं पाए यही उनके दिल में आग लगी हुई है, चाहे वो मोदी जी हों, अमित शाहजी हों, धर्मेंद्र प्रधान हों, गजेंद्र सिंह शेखावत हों और भी कई लोग होंगे।