रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रांची जमीन घोटाला मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को ईडी के रांची स्थित कार्यालय नहीं पहुंचे। उन्होंने ईडी की ओर से भेजे गए समन को गैरकानूनी बताते हुए वापस लेने को कहा है। ईडी के एडिशनल डायरेक्टर को लिखे पत्र में हेमंत ने कहा है कि ईडी इसे वापस लें, नहीं तो वह कानूनी कार्रवाई को बाध्य होंगे। ईडी पर केंद्र सरकार के निर्देश पर कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए हेमंत सोरेन ने पत्र में लिखा है कि समन की कार्रवाई से उन्हें आश्चर्य नहीं हुआ है।

यह कार्रवाई केंद्रीय एजेंसियां इसलिए कर रही हैं क्योंकि वह उस दल से जुड़े नहीं हैं, जो दल केंद्र की सत्ता में है। डी को लिखे पत्र में हेमंत ने कहा है कि मुझे प्रेषित समन दुर्भावना से प्रेरित है और झारखंड राज्य की लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने की राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। मेरे स्वामित्व वाली सभी अचल संपत्ति वैध है और समय-समय पर आयकर विभाग को दिए गए रिटर्न में घोषित धन से अर्जित की गई हैं। इन रिटर्न को उचित प्राधिकार द्वारा स्वीकार कर लिया गया है और प्रवर्तन निदेशालय अब इसे गलत तरीके से फिर से खोलने की कोशिश कर रहा है।

आवश्यकता के अनुसार मुझसे ईडी ऐसी कोई भी जानकारी और दस्तावेज ले सकती है, जो ईडी के पास नहीं है। मैं उपरोक्त समन को तुरंत वापस लेने का अनुरोध करता हूं, अन्यथा कानूनी कार्रवाई करने को बाध्य होउंगा। सीएम ने लिखा कि 14 अगस्त को आपके सामने पेश होने के लिए मुझे जान-बूझकर समन किया गया है। आप और आपके राजनीतिक आका इस बात से पूरी तरह परिचित हैं कि झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री होने के नाते मुझे 15 अगस्त को 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना है।