कानपुर : लोकसभा चुनाव को देखते हुए अपना दल (एस) ने अपने संगठन को धार देना शुरू कर दिया है। प्रदेश में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी अपना दल (एस) अब दूसरे नंबर पर पहुंचना चाहती है। यानी समाजवादी पार्टी का विकल्प बनना चाहती है। इसको लेकर पार्टी ने 5 एजेंडे पर जनाधार बढ़ाने के लिए काम शुरू कर दिया है। वहीं, 6फीसदी कुर्मी वोट बैंक के साथ पार्टी ने 36फीसदी ओबीसी वोट बैंक को भी अपने पक्ष में करना चाहती है। अपना दल (एस) लोकसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने के लिए भाजपा की तर्ज पर बूथ स्तर पर माइक्रो लेवल पर प्लानिंग करने में जुट गई है।
दरअसल, लोकसभा के बहाने पार्टी विधानसभा को भी देख रही है। पार्टी ने अभी तक भाजपा के साथ मिलकर हर मोर्चे पर जीत हासिल की है। यूपी में पार्टी 50 हजार से अधिक बूथों पर अपने पक्ष में माहौल तैयार करने की जुगत में जुटी है। 5 अगस्त को कानपुर में अपना दल (एस) ने पहला कार्यकर्ता सम्मेलन प्रयोग के तौर पर बुलाया था। कार्यक्रम की रूपरेखा 3 दिन पहले तय की गई थी। अनुप्रिया पटेल के पति और सरकार में कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने बताया कि कानपुर में कम समय में किया गया ये सम्मेलन प्रयोग के तौर पर किया गया था। सम्मेलन में हजारों की संख्या में भी पहुंची थी।
इसको देखकर पार्टी और मजबूती से संगठन के विस्तार में जुट गई है। इस कार्यक्रम में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल भी मौजूद थीं। कार्यकर्ता सम्मेलन में अनुप्रिया पटेल के पति और सरकार में कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने बताया कि कानपुर में कम समय में किया गया ये सम्मेलन प्रयोग के तौर पर किया गया था।
कार्यकर्ता सम्मेलन में अनुप्रिया पटेल के पति और सरकार में कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने बताया कि कानपुर में कम समय में किया गया ये सम्मेलन प्रयोग के तौर पर किया गया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपना दल (एस) को 2 सीटें दी थीं। पार्टी ने दोनों सीटें जीतीं। इसके बाद 2017 में बीजेपी के साथ ही मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा। 11 सीटें में 9 सीटों पर जीत हासिल की। 2022 में पार्टी के खाते में 17 सीटें आईं और 13 सीटों पर जीत हासिल हुई। वहीं लोकसभा में पार्टी के 2 सांसद भी हैं।