श्रीनगर : नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में सीमा पर्यटन को बढ़ावा देना या रैलियां आयोजित करना केवल एक दिखावा है तथा जब तक भारत और पाकिस्तान ईमानदारी से बातचीत नहीं करते मुद्दे का समाधान नहीं होगा। श्रीनगर के सांसद से पूछा गया कि क्या कश्मीर में स्थिति बदल गई है, क्योंकि सीमा पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है और पूरी घाटी में तिरंगा रैलियां आयोजित की जा रही हैं, इस पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के दिल साफ होने चाहिए। बहुत दिखावा हो चुका है।
अब्दुल्ला ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को नेक इरादों से बात करनी चाहिए, क्योंकि युद्ध से कुछ हल नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों देश कश्मीर मुद्दे पर ईमानदारी से बात नहीं करते, तब तक यह सब दिखावा है। यह तमाशा आगे भी चलता रहेगा। यह हर साल होगा लेकिन मुद्दा वहीं अटका रहेगा। जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने पूछा कि अगर जम्मू कश्मीर में शांति है तो यहां आतंकवाद क्यों है, गोलियां क्यों चलाई जा रही हैं और सैनिक तथा लोग क्यों मारे जा रहे हैं। अब्दुल्ला ने पूछा, 'अगर वास्तव में शांति है, तो ऐसा क्यों हो रहा है? ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें (पाकिस्तान) लगता है कि इसका समाधान अभी तक नहीं हुआ है। उन्हें कौन समझाएगा कि केवल बातचीत से ही मुद्दों का समाधान होगा।