लखनऊ /नई दिल्ली : माफिया मुख्तार अंसारी की बहू और विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी निकहत को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। निकहत को अब्बास अंसारी के साथ अवैध रूप से चित्रकूट जेल में मुलाकात के दौरान पकड़ा गया था। निकहत को गिरफ्तार कर चित्रकूट जेल में ही रखा गया था जबकि अब्बास को कासगंज जेल भेज दिया गया था। निकहत को जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा कि निकहत बानो का 1 साल का बच्चा है।

उनको मानवीय आधार पर जमानत दी जा रही है। 11 फरवरी को निकहत बिना परमिशन के चित्रकूट जेल में बंद अब्बास अंसारी से मिलने गई थी। वह जेलर के कमरे में पति अब्बास से मुलाकात कर रही थी, तभी एसपी और डीएम पहुंच गए थे। अब्बास को छापे से थोड़ी देर पहले ही जेलकर्मियों ने कमरे से निकाल दिया था। जिस कमरे से निकहत पकड़ी गई थी उसमें बाहर से ताला लगा था। उसके पास से विदेशी करेंसी और मोबाइल बरामद किया गया था। बाद मे खुलासा हुआ कि कई महीनों से निकहत इसी तरह जेल मे अब्बास से मिलने आती थी और अवैध रूप से उसके साथ काफी देर तक रहती थी।

निकहत और अब्बास के जेल-मिलन कांड के बाद कई जेल अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी। जेल अधीक्षक अशोक सागर, जेलर संतोष कुमार और वार्डन जगमोहन ने निखत और अब्बास को मिलाने के नाम पर पैसे और कई तरह के गिफ्ट लिए। निखत-अब्बास की मुलाकात कराने में डिप्टी जेलर चंद्रकला का भी हाथ था। इनके पास घूस के 5 लाख 80 हजार रुपए, 2 मोबाइल फोन, एक केआईए गाड़ी बरामद हुई। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पता चला था कि जेल की कैंटीन के ठेकेदार नवनीत सचान ने निखत की साठगांठ जेल अधिकारियों से करवाई। चित्रकूट जेल में निकहत-अब्बास को रंगे हाथ पकडऩे वाली टीम को पीडीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने सम्मानित किया था।