भोपाल : मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने उच्चतम न्यायालय द्वारा आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाए जाने को न्याय की जीत के साथ ही देश के करोड़ों न्याय प्रिय और सच्चे लोगों की जीत बताया। कमलनाथ ने ट्वीट किया, 'देश में लोकतंत्र की आवाज, जन-जन के चहेते और कांग्रेस के सम्मानित नेता राहुल गांधी को उच्चतम न्यायालय से सजा में राहत मिलने पर हार्दिक शुभकामनाएं।' उन्होंने कहा कि न्यायालय के इस फैसले से न्यायपालिका के प्रति देश की जनता का सम्मान और भरोसा दोनों बढ़ेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि अंतिम फैसला भी राहुल गांधी के पक्ष में आएगा और देश में लोकतंत्र मजबूत होगा। सत्यमेव जयते।' कमलनाथ ने आगे लिखा, 'राहुल गांधी की सजा पर रोक न केवल न्याय की जीत है, बल्कि देश के करोड़ों न्यायप्रिय सच्चे लोगों की जीत भी है।'

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, 'हमारे सम्माननीय नेता राहुल गांधी को उच्चतम न्यायालय से न्यायिक राहत मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं। सत्य सदैव उज्ज्वल रहे।' इस फैसले के आने पर राजधानी भोपाल सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। उच्चतम न्यायालय ने 'मोदी उपनाम' को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के संबंध में 2019 में दायर आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाते हुए शुक्रवार को उनकी लोकसभा की सदस्यता बहाल करने का रास्ता साफ कर दिया। शीर्ष अदालत ने गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।

उच्च न्यायालय ने 'मोदी उपनाम' से जुड़े मानहानि के मामले में कांग्रेस नेता की दोषसिद्धि पर रोक लगाने के अनुरोध वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी। गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी सभा में 'मोदी उपनाम'  के संबंध में की गई कथित विवादित टिप्पणी को लेकर राहुल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया था। सूरत की मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने 23 मार्च को राहुल गांधी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 499 और 500 (आपराधिक मानहानि) के तहत दोषी ठहराते हुए दो साल जेल की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद राहुल गांधी को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। राहुल गांधी 2019 में केरल के वायनाड से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। मानहानि मामले में 23 मार्च को दोषी ठहराए जाने के 24 घंटे के भीतर, 24 मार्च को लोकसभा सचिवालय ने पार्टी के नेता व पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को सदन की सदस्यता से अयोग्य करार देने की घोषणा की।