गाजीपुर  : 30 साल पूर्व दर्ज हुए आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बिहार के पूर्णिया से पूर्व सांसद पप्पू यादव को कोर्ट ने बरी कर दिया। 1993 में विधानसभा चुनाव के दौरान शहनिंदा में चक्काजाम कर प्रदर्शन करने के मामले में पूर्व सांसद पप्पू यादव पर मुकदमा दर्ज हुआ था। सोमवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शरद कुमार चौधरी की कोर्ट में दोनों पक्षों को सुनने के बाद साक्ष्य के अभाव में पप्पू यादव समेत 11 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार मुहम्मदाबाद थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बीएन सिंह ने 8 नवंबर 1993 को थाने में केस दर्ज कराया था।

तहरीर के अनुसार सुबह 10:30 बजे बिहार के दो विधायक पप्पू यादव व उमेश पासवान के समर्थकों और अवांछनीय तत्त्वों के साथ चुनाव सभाओं में आने की सूचना मिली थी। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक उजियार घाट की तरफ से आ रहे 19 गाडिय़ों पर सवार लोगों को रोका गया। इस पर यह लोग उग्र हो गए और सरकारी काम में बाधा डालते हुए चक्काजाम कर दिया। इस मामले में आचार संहिता का उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, मजय लाल राय, भरत यादव उर्फ फेकन,असरारुल हक उर्फ लाडले, शमसुल्हक ,सुकेश राय, मनोज भारती, महेश कुमार पासवान,मोती लाल,दीपक कुमार उर्फ दीपक यादव व रामनारायन के विरुद्ध आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की तरफ से कुल 6 गवाहों को पेश किया गया। सभी ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया।