इंदौर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रविवार के इंदौर दौरे को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि चूंकि इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, लिहाजा कई नेता राज्य में आते-जाते रहते हैं। कमलनाथ ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि शाह बड़ी खुशी से (मध्य प्रदेश) आएं। यह उनकी इच्छा है। चुनाव आने वाले हैं। चुनावों के मद्देनजर सब नेता आते-जाते रहते हैं। गृह मंत्री भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 'विजय संकल्प सम्मेलनÓ में हिस्सा लेने के लिए इंदौर आए थे। यह आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बूथ स्तर तक के भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच शाह का पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था, जिसे पार्टी ने सूबे में अपने चुनाव अभियान की शुरुआत भी बताया है।
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया है कि उनकी पार्टी मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में 230 में से 160 से ज्यादा सीटें जीतकर राज्य की सत्ता में बरकरार रहेगी। इस दावे पर कटाक्ष करते हुए कमलनाथ ने कहा कि मैं उनसे (विजयवर्गीय) पूछना चाहता हूं कि उन्होंने यह क्यों नहीं कहा कि भाजपा आगामी चुनावों में 200 सीटें जीतेगी। अब कहने के लिए तो कुछ भी कहा जा सकता है। आखिरकार सवाल यह है कि सूबे की जनता क्या कहती है? उन्होंने एक सवाल पर पूछा कि कांग्रेस नेताओं के मंदिर जाने या धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करने पर भाजपा के पेट में दर्द क्यों होता है? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मैंने छिंदवाड़ा में हनुमान मंदिर बनाया। इससे भी उनके (भाजपा नेताओं) के पेट में दर्द होने लगा।
इस बीच, कमलनाथ, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार के साथ जनजातीय समुदाय के विद्यार्थियों और बेरोजगार युवाओं की 'आदिवासी युवा महापंचायतÓ में शामिल हुए। यह कार्यक्रम आदिवासियों से जुड़े मुद्दों और समस्याओं को लेकर सूबे के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस से संवाद के लिए आयोजित किया गया था। इसमें आदिवासी युवाओं ने बैकलॉग के पदों की सरकारी भर्ती और उद्यमियों को सस्ते ऋण समेत कई मांगें रखीं और इन्हें वादों की शक्ल में कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किए जाने पर जोर दिया।