जिस तरह चेहरे के रंग अलग- अलग होते हैं उसी तरह हमारे नाखूनों का कलर भी अलग- अलग होता है। किसी के नाखून सफेद दिखते हैं तो किसी के एकदम लाल तो किसी के गुलाबी रंग के होते हैं। इनका रंग रूप स्वास्थ्य का आईना होता है। स्वस्थ नाखून आमतौर पर गुलाबी दिखते हैं और टिप्स के पास कर्व होता है। अगर नाखून अपना रंग, बनावट बदलने लगते हैं, तो यह कई तरह की न्यूट्रिशन की कमी बताता है। इन्फेक्शन और किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम्स की शुरूआत होते ही नाखूनों पर भी इसका असर दिखने लगता है। अच्छी डाइट नहीं लेने और विटामिन्स की कमी से नाखून सूखने लगते हैं और टूटते भी हैं। उम्र, प्रेग्नेंसी, मौसम, हाथ और पैरों की केयर नाखूनों की सेहत को प्रभावित करती है।

अगर आपके नाखूनों की शेप अजीब हो गई है और हर नाखून दूसरे से अलग दिख रहा है, नाखूनों की कर्विंग उलटी दिशा में हो रही है, तो हो सकता है आपके शरीर में क्रॉनिक आयरन डेफिसिएंसी या एनीमिया के संकेत हैं ।  टिप्स के पास से मुड़ा हुआ नाखून संकेत देता है कि आपके शरीर में सांस से जुड़ी कोई बीमारी या फिर दिल से जुड़ी कोई बीमारी हो सकती है। अगर नाखून जड़ से ही ऊपर की ओर उठे हुए हैं तो यह भी सांस की बीमारी का संकेत होता है। पपड़ी की तरह टूटते और डैमेज नाखून शरीर में केराटिन की कमी के कारण हो सकते है यह भी हो सकता है कि नाखूनों का जरूरत से ज्यादा एक्सपोजर उच्चे तापमान से हो रहा है जैसे बहुत गर्म हवा, पानी या बहुत ज्यादा ठंडक।

यह आपके शरीर में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स की कमी के भी संकेत हो सकते हैं। चौकोर और चौड़े नाखून किसी तरह की हार्मोनल समस्या का संकेत देते हैं। अगर आपके नाखून जरूरत से ज्यादा पतले हैं, तो इसका मतलब आपके शरीर में विटामिन-बी 2 की कमी हो सकती है। धीरे-धीरे पीले पड़ रहे नाखून बहुत सारी समस्याओं का संकेत दे सकते हैं। लिवर प्रॉब्लम, डायबिटीज, सांस की समस्याएं नाखूनों के पीले पड़ने के बाद ही शुरू होती हैं।